विधानसभा में उठा जिला चिकित्सालय राजसमंद में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा
विधायक माहेश्वरी ने की विशेषज्ञ नियुक्ति की मांग
विधानसभा में उठा जिला चिकित्सालय राजसमंद में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा
विधायक माहेश्वरी ने की विशेषज्ञ नियुक्ति की मांग
राजसमंद। विधायक राजसमंद दीप्ति माहेश्वरी ने विधानसभा सदन में विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से आर.के. राजकीय जिला चिकित्सालय राजसमंद में चिकित्सकों की कमी तथा स्वीकृत पदों में कटौती के विषय पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बढ़ते रोगी भार के अनुपात में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध करवाने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की।
विधायक माहेश्वरी ने बताया गया कि जिला चिकित्सालय में हृदय रोग चिकित्सा इकाई को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जो जिलेवासियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को मजबूरी में अन्य स्थानों, विशेषकर निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है तथा समय पर उपचार न मिलने से स्वास्थ्य पर गंभीर जोखिम बना रहता है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में ओपीडी का मासिक औसत लगभग 36,000 तथा आईपीडी का मासिक औसत लगभग 1,700 है। अस्पताल में बेड संख्या 250 से बढ़ाकर 300 की जा चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और सेवाओं का विस्तार भी हुआ है। इसके बावजूद चिकित्सकों के स्वीकृत पदों में कमी किया जाना चिंताजनक है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सदन को अवगत कराया कि वर्तमान में चिकित्सा अधिकारियों के स्वीकृत 54 पदों में से 21 पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके कारण ओपीडी, आईपीडी एवं आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि पूर्व में संचालित पदों को पुनः स्वीकृत करते हुए चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से हृदय रोग इकाई हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक की शीघ्र नियुक्ति तथा सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि जिले के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।



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