लविश ओस्तवाल बने कुंवारिया के पहले पायलट
परिवारजनो व ग्रामीणों ने जताई खुशी
लविश ओस्तवाल बने कुंवारिया के पहले पायलट
परिवारजनो व ग्रामीणों ने जताई खुशी
राजसमंद। कुंवारिया कस्बे के लिए यह गर्व का क्षण है, जब गांव के होनहार युवा लविश पुत्र देवेन्द्र ओस्तवाल ने कड़ी मेहनत व लगन के माध्यम से पायलट बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कुंवारिया मुल के लविश जो वर्तमान में मुंबई में निवासरत हैं जिन्होने मात्र 23 वर्ष की आयु में संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) से अपनी पायलट ट्रेनिंग पूरी कर ली है। लविश ने यह उपलब्धि अपने आत्मबल, कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से हासिल की है। पिता देवेंद्र ओस्तवाल ने बताया कि लविश ने कम्प्यूटर इंजीनियर करने के बाद पायलट बनने का सपना था।
इस पर यूएसए अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य का लॉस एंजेलिस से डेढ़ साल की कडी ट्रेनिंग की गई। लविश जनवरी 2024 से जून 2025 तक ट्रेनिंग ली। इसके बाद एफ.ए.ए. से सीपीएल व्यावसायिक पायलट लाइसेंस प्रदान किया गया।
लविश का मूलत: कुंवारिया के निवासी है। उनकी सफलता पर उनके पिता देवेंद्र ओस्तवाल, मां मैना ओस्तवाल, दादा सुंदरलाल ओस्तवाल, दादी निर्मला देवी ओस्तवाल सहित पूरे ओस्तवाल परिवार का नाम रोशन किया है। लविश कुंवारिया व ओस्तवाल परिवार के पहले सदस्य हैं जिन्होंने पायलट बनने की उपलब्धि हासिल की है, इसके साथ ही उन्होंने पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणादायक राह बनाई है।
कस्बे के युवा कार्यकर्ता गिरिराज काबरा, कुंवारिया सरपंच ललित श्रीमाली ने बताया कि लविश की इस ऐतिहासिक सफलता से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा कस्बा और समाज उत्साहित है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर दृढ़ निश्चय हो, मेहनत में ईमानदारी हो और परिवार का समर्थन मिले, तो कोई भी ऊँचाई नामुमकिन नहीं।
लविश ओस्तवाल की यह ऊँची उड़ान न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को यह सिखाती है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए साहस, आत्मबल और निरंतर प्रयास ही असली कुंजी है। कस्बे के सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष गिरिराज मुंदड़ा सहित अन्य संगठनो के पदाधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लविश की सफलता को कुंवारिया के लिए गौरव का पल बताया है।





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