रेलमगरा में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र (Agricultural Research Sub-Station) स्थापित करने की मांग विधानसभा में उठाई

नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने किसानों के हित में रखी प्रभावी पैरवी

रेलमगरा में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र (Agricultural Research Sub-Station) स्थापित करने की मांग विधानसभा में उठाई

नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने किसानों के हित में रखी प्रभावी पैरवी

राजसमंद ।  विधायक नाथद्वारा विश्वराज सिंह मेवाड़ ने राजस्थान विधानसभा में मांग संख्या 46 (कृषि विभाग) पर चर्चा के दौरान रेलमगरा क्षेत्र में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र (Agricultural Research Sub-Station) स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई।


विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक मेवाड़ ने कहा कि नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र मुख्यतः कृषक प्रधान क्षेत्र है तथा वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार रेलमगरा क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 1,31,800 है, जिनमें अधिकांश लोग कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर हैं। इसके बावजूद पूरे जिले में एक भी कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र स्थापित नहीं है।


उन्होंने कहा कि रेलमगरा क्लाइमेट जोन-4 में आता है, जहां पर्याप्त वर्षा, उपजाऊ भूमि एवं सिंचाई की संभावनाएं उपलब्ध हैं। यदि सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तो लगभग 25 गांवों सहित पूरे क्षेत्र को व्यापक लाभ मिल सकता है। ऐसे भौगोलिक एवं कृषि अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए इस क्षेत्र में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र की स्थापना उपयुक्त एवं आवश्यक है।


विधायक मेवाड़ ने जिला सिंचाई योजना (District Irrigation Plan) का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2016 से 2023 तक तकनीकी कृषि अवसंरचना को मजबूत करना, जल संरक्षण एवं कृषि उत्पादकता बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य रहा है तथा वर्ष 2026 तक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य निर्धारित है। ऐसे में रेलमगरा में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र की स्थापना इन उद्देश्यों को और गति प्रदान करेगी।


उन्होंने यह भी कहा कि नाथद्वारा क्षेत्र में पानी की उपलब्धता होने के बावजूद उसका समुचित वितरण सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। सरकार को नहरों एवं सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए किसानों को वास्तविक लाभ पहुंचाना चाहिए।

विधायक मेवाड़ ने कहा कि रेलमगरा क्षेत्र का एक हिस्सा खनन प्रभावित भी है, जिससे पर्यावरण एवं स्थानीय कृषकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र की स्थापना से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर बीज, पोषक चारा एवं आधुनिक पशुपालन पद्धतियों का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

अंत में उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि रेलमगरा में कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र (Agricultural Research Sub-Station) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की जाए तथा क्षेत्र में लंबित नहर एवं सिंचाई कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि कृषक वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

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