सदगुरू की कृपा से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव- संत रमता राम रामस्नेही
सदगुरू की कृपा से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव- संत रमता राम रामस्नेही
कुरज में भक्तमाल कथा का आयोजन
कथा सुनने उमड़ रहे है श्रद्वालुगण
राजसमंद। संत रमताराम रामस्नेही ने कहा कि जीवन में सदगुरू होना निंतात आवश्यक है। सदगुरू ही व्यक्ति को जड़ अवस्था से चेतन अवस्था की ले जाता है। सदगुरू की कृपा से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव होती है।
संत रमताराम रामस्नेही ने समीपवर्ती कुरज कस्बे में चातुर्मास के पावन अवसर पर श्रीरामद्वारा परिसर में आयोजित सत्संग व भक्तमाल कथा पर प्रवचन देते हुए कहा कि व्यक्ति को जीवन में जो श्रेष्ठ सदमार्ग की और ले जाए वही सदगुरू होता है। सदगुरू के द्वारा बताए मार्ग के पश्चात व्यक्ति अच्छे व बुरे में अंतर करना सीखता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में गुरु की बड़ी महत्वता होती है, गुरु की कृपा के बिना कोई भी भगवत प्राप्ति नहीं कर सकता है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में सरलता, सहजता, नम्रता और दयालुता के सद्गुणों को धारण करते हुए सद्गुरु की सरणागति में जाना चाहिए। सद्गुरु की कृपा से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है, इसलिए उनके सानिध्य में बैठकर के भागवत प्राप्ति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए और उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमात्मा से मिलने का प्रयत्न करना चाहिए।
संत रमताराम रामस्नेही ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में सदाचरण को सबसे पहले अपनाना चाहिए। जब तक आचरण शुद्व नहीं होगा तब तक किसी भी व्यक्तव्य का प्रभाव जीवन पर नहीं पड़ेगा। व्यक्ति के आचरण में पारदर्शिता होगी तो जीवन में काई भी परेशानी व्यक्ति के मार्ग में रूकावट नहीं बन सकती है। व्यक्ति को मन, वचन व कर्म से शुद्व बनना होगा तभी कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो पाऐगा।
इस अवसर पर पुष्कर लाल लाहोटी, जगदीश चंद्र काबरा, कैलाशगिरी गोस्वामी, गिरिराज लाहोटी, बसंती लाल लाहोटी, चतुर्भुज जाट, बसंती लाल सोनी सहित कई पुरुष एवं महिलाएं मौजूद थे।

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