जुणदा-खेड़ी के नवनिर्मित मंदिर में प्रतिमाओं के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए प्रारभ
वेदिक मंत्रोचार से गुंजाएमान रहा मंदिर परिसर
जुणदा-खेड़ी के नवनिर्मित मंदिर में प्रतिमाओं के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए प्रारभ
वेदिक मंत्रोचार से गुंजाएमान रहा मंदिर परिसर
जुणदा-खेड़ी के चावंडा माताजी के मंदिर परिसर में 7 दिसबंर तक होगे विविधि आयोजन
राजसमंद । जिले के जुणदा-खेड़ी के अति प्राचीन श्री चावंडा माताजी के नवनिर्मित मंदिर में प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर गुरूवार को वेदिक मंत्रोचार के साथ में जप अनुष्ठानों का आयोजन प्रारम्भ हुआ। मंदिर परिसर में 7 दिसबंर को प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
आयोजन से जुडे हुए कार्यकर्ताओं ने बताया कि जुणदा-खेड़ी के अति प्राचीन श्री चावंडा माताजी के नवनिर्मित मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, कलश प्रतिष्ठा, ध्वज दण्ड स्थापना, शतचंडी पाठ एवं नवकुंडीय यज्ञ के आयोजन को लेकर गुरूवार से विविध पाठ-पूजन व धार्मिक अनुष्ठान प्रारम्भ हुए जो कि 7 दिसबंर तक जारी रहेगे।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि आयोजित धार्मिक अनुष्ठान समस्त ग्राम पंचायत वासियों के सहयोग के द्वारा संत अवधेशानंद जी महाराज सूरजकुंड वाले एवं संत चेतन दास जी महाराज मुंगाना वाले के सानिध्य में तथा आचार्य किशन लाल व्यास (रेलमंगरा) व सह आचार्य पूर्णेश पारीक (जुणदा) के दिशा निद्रेशन में आयोजित किए जारहे है।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के तहत 25 नवंबर को गणपति स्थापना व रूद्र कलश की स्थापना की गई तथा गुरुवार को वेदिक मंत्रोचार के साथ में दुर्गा सप्तशती पाठ, रुद्री पाठ, वास्तु जाप, सुंदरकांड पाठ, विष्णु गोपाल सहस्त्रनाम पाठ विद्वानों के द्वारा किया गया।
मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के आयोजित महोत्सव के तहत 30 नवंबर शनिवार की सुबह दस बजे माता जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। 2 दिसंबर को सुबह कलश, जल यात्रा, हेमाद्री प्रायश्चित, दश विधि स्नान, कुटीर होम, ग्राम देवी, क्षेत्रपाल पूजन का आयोजन होगा तथा यज्ञ मंडप प्रवेश अग्नि पूजन कुंड में प्रज्वलित किया जाएगा।
धार्मिक अनुष्ठान के तहत 3 दिसंबर मंगलवार से 6 दिसबंर तक वेदिक मंत्रोचार के साथ में यज्ञ मंडप में देव पूजन एवं होम कर्म, मूर्तियों का अधिवास, मूर्तियों व कलश का अभिषेक किया जाएगा। धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के आधिकाधिक लोगों को जोडऩे के उद्देश्य से 3 दिसंबर से 6 दिसंबर तक प्रतिदिन शाम को मंदिर परिसर में रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमे 5 दिसंबर को भगवत सुथार व दिव्या वेष्णव के द्वारा भजनो की प्रस्तुतिया दी जाएगी तथा 6 दिसंबर को सुरेश गहलोत, अंकित, बाबु व मधुबाला राव के द्वारा भजनो की प्रस्तुतिया दी जाएगी वही अंकित व नारायण लाल द्वारा आकर्षक झांकि प्रस्तुत की जाएगी।
धार्मिक अनुष्ठान के तहत 7 दिसंबर शनिवार की सुबह नवनिर्मित मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, कलश प्रतिष्ठा, ध्वज दंड की स्थापना होगी तथा पूर्णाहुति, आरती व संत आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के भव्य आयोजन को लेकर कार्यक्रम से जुडे हुए कार्यकर्ताओं के द्वारा विभिन्न धार्मिक स्थलो पर पहुच कर आराध्य देवी देवताओं व समाज के प्रबुद्यजनो को भावपूर्ण आंमत्रण दिया जा रहा है।
क्षैत्र के विभिन्न गांवो में धार्मिक कार्यक्रम से जुडे हुए विभिन्न पोस्टर, बेनरो व होर्डिग लगाए गए। भव्य आयोजन को लेकर यज्ञ शाला को तेयार किया जारहा है वही अन्यं तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है।








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