बाल विवाह मुक्त भारत की ओर नई पहल

 एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन प्राधिकरण कार्यालय में न्यायधीश ने दी जानकारी

बाल विवाह मुक्त भारत की ओर नई पहल

एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन प्राधिकरण कार्यालय में न्यायधीश ने दी जानकारी

राजसमंद। जतन संस्थान और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वधान में गुरुवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्राधिकरण कार्यालय में प्रेस वार्ता की गई।

 कार्यक्रम प्रभारी पूजा सुथार ने बताया कि जतन संस्थान द्वारा जिले के 4 ब्लॉक 50 गांवों में एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन्स परियोजना संचालित की जा रही है, जिसमें संस्थान द्वारा बाल विवाह, बाल श्रम और बाल यौन शोषण पर कार्य किया जा रहा है। 50 गांव में किशोर-किशोरी समूह, हितधारक बैठक, ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति में सक्रियता लाने का कार्य किया जा रहा है।

 कार्यक्रम प्रभारी पूजा सुथार ने बताया की बाल विवाह न सिर्फ एक बुराई है, बल्कि यह बचों के लिए एक अभिश्राप है जो उनके जीवन को हमेशा के लिए प्रभावित कर देता है। साथ ही जिले में संचालित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन परियोजना के तहत गत वर्ष कुल 27 बाल विवाह पाबंद करवाए गए थे और 1 मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था। 47 बाल श्रमिक बच्चों को बाल श्रम मुक्त करवाया गया और उन्हें प्राधिकरण व प्रशासन के सहयोग से सरकारी योजनाओं और पुनः शिक्षा से जोड़ा गया। 57 बाल यौन शोषण के मामलों में पीड़ित परिवार को पीड़ित प्रतिकर योजना से जोड़ा गया। प्राधिकरण के सहयोग से इस वर्ष 22 बाल विवाह पाबंद करवाए गए और 31 बाल श्रमिक बच्चों को बाल श्रम मुक्त करवाया गया। उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल ऋतू शर्मा, हेमंत पालीवाल, गोरव पुरोहित, सचिन व्यास, नरेश जीनगर, जयप्रकाश शर्मा, शिव शंकर रेगर, सुनीता गुर्जर, प्रिन्स गोदारा, शैफाली गुर्जर, दक्षराज सिंह भाटी उपस्थित थे।

बच्चों के हितों की रक्षा हम सब की जिम्मेदारी

जिला प्राधिकरण सचिव संतोष अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के हितों की रक्षा हम सब की जिम्मेदारी है। कारखानों, भट्टों में बच्चों को जोखिम भरे काम करवाने, बच्चों के साथ हो रहे किसी भी तरह की हिंसा की सूचना आपको चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन व जतन संस्थान में दें।

 उन्होंने यह भी कहा कि यदि डीएलएसए में कार्रवाई नहीं की जाती है तो राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रालसा में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि रालसा भी कार्रवाई नहीं करता है, तो राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बाल विवाह कैसे गरीबी को बढ़ावा देता है और एक दुष्चक्र बनाता  है। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत बिश्नोई ने कहा कि हम बाल विवाह के खिलाफ एकजुट हों और इसके खिलाफ लड़ने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने मीडिया और समाज से अपील की कि वे बाल विवाह को खत्म करने में मदद करें और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि लोगों द्वारा दी गई सूचनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मातृकुंडिया बांध जलभराव की समस्या का होगा स्थाई समाधान- विधायक माहेश्वरी

लविश ओस्तवाल बने कुंवारिया के पहले पायलट

फियावड़ी के देव मगरी पर दस दिवसीय मंगरी श्याम भैरवनाथ प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 11 फरवरी से होगा शुरू