मेंवाड श्रीमाली समाज के पूर्व अध्यक्ष डा. श्रीमाली को दी भावपूर्ण श्रृध्दांजलि

श्रीमाली समाज नाथद्वारा की चारों ईकाइयो के द्वारा अर्पित की भावपूर्ण श्रृध्दांजलि

मेंवाड श्रीमाली समाज के पूर्व अध्यक्ष डा. श्रीमाली को दी भावपूर्ण श्रृध्दांजलि

स्व.डा. मोहनलाल श्रीमाली के उत्कृष्ठ सेवा कार्यो को किया याद

श्रीमाली समाज नाथद्वारा की चारों ईकाइयो के द्वारा अर्पित की भावपूर्ण श्रृध्दांजलि

राजसमंद। हल्दीघाटी संग्रहालय के संस्थापक, समाज सेवी एवं श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ 45 खेड़ा उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष डा. मोहन लाल श्रीमाली के 23 जनवरी को निधन होने पर गुरूवार को सुखाडिया नगर नाथद्वारा स्थित समाज के भवन परिसर श्रीमाली समाज नाथद्वारा की चारों ईकाइयो द्वारा भावपूर्ण श्रृध्दांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर श्रीमाली समाज नाथद्वारा  संस्थान के अध्यक्ष गुलाब शंकर दुर्गावत, दयाशंकर, रामचन्द्र, जियालाल, अशोक श्रीमाली, नर्बदाशंकर, गिरिजा शंकर, मदन लाल , श्यामसुंदर महेश चन्द्र मादडा, सुभाष, पन्ना लाल, महिला मंडल से कांता, गायत्री, तारा, निर्मला, हेमलता, ज्योति, मीना, संध्या सहित श्रीमाली समाज नाथद्वारा की चारों ईकाइयो के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजनो ने पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि डा. मोहन लाल श्रीमाली ने महाराणा प्रताप के शोर्य व गाथा को देश व दुनिया में पहुँचाने का अभूतपूर्व कार्य किया।

उन्होने हल्दीघाटी  संग्रहालय स्थापित किया जिसे राष्ट्रपति द्वारा  सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न मुख्य मंत्रियो, केन्द्रीय मंत्रियो ने संग्रहालय की सराहना की तथा महाराणा प्रताप की वीरता को जन जन तक प्रचारित करने के लिये उनकी प्रशंसा कर कई प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। डा. श्रीमाली ने समाज में भामाशाह बनकर समाज को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है जिसे कभी भी नहीं भुलाया जा सकता। स्व. श्रीमाली समाज सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। वो एक कर्म योगी पुरुष थे उनके सहयोग को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।

श्रीमाली समाज के प्रबुद्यजनो ने विचार व्यक्त करते हुए हल्दीघाटी संग्रहालय के संस्थापक एवं अखिल भारतवषींय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था पुष्कर के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व श्रीमाली समाज मेवाड़ 45 खेड़ा के पूर्व अध्यक्ष डा. मोहनलाल श्रीमाली के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त कर समाज की अपूरणीय क्षति होना बताया। कार्यक्रम का संचालन अशोक श्रीमाली ने किया।

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