''मेवाड़ के वीर योद्धाओं का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान''
नाथद्वारा बार एसोसिएशन ने तहसीलदार को दिया राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन
''मेवाड़ के वीर योद्धाओं का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान''
अधिवक्ताओं ने बड़बोले सांसदों पर अंकुश लगाने की राष्ट्रपति से लगाई गुहार
नाथद्वारा बार एसोसिएशन ने तहसीलदार को दिया राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन
राजसमंद। मेवाड़ की पावन धरा प्रभु श्रीनाथजी की नगरी में शुक्रवार को बार एसोसिएशन नाथद्वारा के अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से सपा सांसद के द्वारा संसद में मेवाड़ के वीर योद्धा राणा सांगा के बारे में दिए गए गलत बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तहसीलदार भानुप्रताप सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
अधिवक्ताओं ने सपा सांसद के बयान को सरासर गलत बताया साथ ही अधिवक्ताओं ने संसद में बड़बोले सांसदों पर कड़ाई से अंकुश लगाने की मांग की है ताकि राष्ट्र के महान योद्धाओं व प्रेरणा पुंज्य, विराट व्यक्तित्व पर गलत टिप्पणी करने का कोई भी दूसरी बार दुस्साहस नहीं कर पाए।
बार एसोसिएशन नाथद्वारा के द्वारा देश के महामहिम राष्ट्रपति को जरिये तहसीलदार, नाथद्वारा के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करते हुए राज्यसभा सांसद रामसुमन के द्वारा राज्यसभा में मेंवाड की आन, बान, शान रहे महाराणा सांगा के गौरवपूर्ण एतिहासिक जीवन को लेकर अपमानजनक शब्दो का उपयोग करने पर कड़े शब्दों में निंदा की गई।
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में बताया गया कि सपा सांसद के द्वारा अपने बड़बोले स्वभाव के कारण दिए गए उटपटांग बयान से मेंवाड़ ही नही अपितु सम्पूर्ण विश्व में भारत की बदनामी हुई है। संसद के गलत बयान से मेवाड के गौरवमयी इतिहास को कलंकित कर आमजन को भ्रमित करने का प्रयास किया है। सपा सांसद के बयान से मेंवाड का प्रत्येक व्यक्ति आहत हुआ है और सम्पूर्ण मेंवाड के लोगो में रोष व्याप्त है । सपा सांसद के द्वारा मेवाड़ के गौरव का सार्वजनिक रूप से अपमान करने पर बार एसोसिएशन नाथद्वारा के समस्त अधिवक्ताओ के द्वारा शुक्रवार को महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
बार एसोसिएशन नाथद्वारा के द्वारा ज्ञापन में बताया गया कि संसद में गलत बयान बाजी करने वाले सपा सांसद के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें तुरन्त प्रभाव से उनके पद से हटाते हुए उनके खिलाफ आवश्यक कानुनी कार्यवाही कराने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन के द्वारा संसद में जनप्रतिनिधियों के लिए कुछ इस प्रकार की कठोर नियमावली भी बनाने की भी आवश्यकता व्यक्त की गई ताकि भविष्य में भारत के गौरवमयी इतिहास को कोई धुमिल करने का प्रयास नही कर सके एवं भारतीय संस्कृति और इतिहास के प्रति सम्मान कायम रखा जा सके और भविष्य में ऐसे बयानो को रोका जा सके।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन नाथद्वारा के अध्यक्ष संदीप सिंह राव, कार्यकारणी सदस्य मनमोहन पालीवाल, जितेन्द्र जोशी, विक्की यादव, नन्दलाल रेगर, मयंक पालीवाल, रवि लोधा, बार एसोसिएशन नाथद्वारा के पुर्व अध्यक्ष योगेश श्रीमाली, सुभाष गाडरी, हर्षवर्धन शेखर माली, योगेश पाराशर, भगवत सिंह राणावत, संदीप सनाढ्य, अभिषेक सोनी, संदीप शर्मा, योगेन्द्र सिंह चौहान, सुर्यप्रताप सिंह चुण्डावत, ख्याली लाल नागदा, पार्थ सांचिहर, भरत गुर्जर, भावेश सांचिहर, सचिन सनाढ्य, प्रदीप शर्मा, कृष्णदेवसिंह, विशाल मराठा, जितेन्द्र पालीवाल, हितेषपाल सिंह, गजेन्द्र सिंह राव, अंकुर लखारा आदि अधिवक्तागण उपस्थित थे।




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