दान का पुण्याअर्जन हर समय रहता है साथ- उपप्रवर्तनी विजय प्रभा
कुंवारिया के महावीर भवन में धर्म सभा का आयोजन
दान का पुण्याअर्जन हर समय रहता है साथ- उपप्रवर्तनी विजय प्रभा
कुंवारिया के महावीर भवन में धर्म सभा का आयोजन
राजसमंद । उपप्रवर्तनी साध्वी विजय प्रभा ने कहा कि व्यक्ति को धन अर्जन के साथ दान पुण्य के महत्व को भी समझना चाहिए। व्यक्ति के द्वारा किया हुआ दान पुण्य इस जन्म के साथ ही अगले जन्म में भी साथ चलता है। व्यक्ति को दान पुण्य बिना किसी दिखावे के करना चाहिए ताकि उस दान पुण्य का प्रभावी फल प्राप्त हो सके।
उप प्रवर्तनी साध्वी विजय प्रभा ने कुंवारिया कस्बे के महावीर भवन में आयोजित धर्मसभा में दान विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि व्यक्ति को धन कमाने के साथ ही दान को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। दया के भाव से किए गए दान से व्यक्ति का मन, कर्म व वचन शुद्व होता है। दान से इस लोक के साथ ही परलोक का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होने दान के महत्व की महिमा को बताते हुए कहा कि व्यक्ति को जब भी दान करने का अवसर मिले तो उसे इस प्रकार से दान-पूण्य करना चाहिए कि एक हाथ से दिया गया दान दूसरे हाथ को भी पता नहीं चलना चाहिए। उन्होने कहा कि दान का दिखावा करने से दान का महत्व घट जाता है। दान का पुण्याअर्जन इस भव में नहीं अगले भव में भी काम आता है।
आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ भास्कर युवा मनीषी उप प्रवर्तक कोमल मुनि एव उप प्रवर्तनी विजय प्रभा, विद्या श्री का प्रवचन हुआ जिसमें गुरुदेव ने श्रमण संघीय द्वितीय पट्टधर आचार्य आनंद ऋषि की 33वीं पुण्यतिथि पर उनके जैसा बनने के लिए दया भावना, करुणा और सरल हृदय ऐसे विचारों को आत्मसात करने के लिए सभी श्रावक श्राविकाओ को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में श्रमण संघीय सलाहकार विनय मुनि (भीम) के देवलोक गमन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आयोजित धर्मसभा में श्री संघ अध्यक्ष पारस मल ओस्तवाल, मंत्री प्रकाश चंद्र पीपाड़ा, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र तातेड, भेरूलाल तातेड, विजय प्रकाश पीपाड़ा, सोहनलाल पीपाड़ा, गणेश लाल कच्छारा, देवीलाल ओस्तवाल, बहु मंडल अध्यक्ष सुनीता तातेड, पल्लवी ओस्तवाल, शालिनी तातेड़ आदि मौजूद थे।




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