सदबुद्वी के लिए महिलाओं ने किया णमोकार मंत्र का जाप
महिला कार्यकर्ताओं ने कुंवारिया तहसीलदार को दिया मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
सदबुद्वी के लिए महिलाओं ने किया णमोकार मंत्र का जाप
कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर धरना स्थल पर महिलाओं ने किया जाप
महिला कार्यकर्ताओं ने कुंवारिया तहसीलदार को दिया मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
महिलाओं ने कहा कुंवारिया में जिला कलेक्टरी नहीं, पंचायत समिति ही मांगी थी, उस पर उपेक्षा की जारही है उसको सहन नहीं करेंगे
राजसमंद। कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति की मांग को लेकर कुंवारिया सहित आसपास के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों के द्वारा विगत एक पखवाड़े से जारी धरना प्रदर्शन में बुधवार को क्षेत्र की अधिकांश जैन समाज की महिलाओं ने भी अपनी भागीदारी निभाते हुए पंचायत समिति की मांग को पुरजोर तरीके से उठाते हुए धरना स्थल पर णमोकार मंत्र का जाप करके नेताओं व अधिकारियों की सदबुद्वी की कामना की गई तथा महिलाओं के प्रतिनिधि मण्डल ने कुंवारिया तहसीलदार सीताराम बोलीवाल को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन दिया गया।
क्षेत्र की महिला कार्यकर्ताओं के द्वारा बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचकर पंचायत समिति की मांग में रूकावट डालने वाले लोगो की सद्बुद्धि देने की कामना को लेकर जैन धर्म के चमत्कारी व प्रभावी णमोकार मंत्र का जाप किया गया।
धरना स्थल पर महिलाओं ने बताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर एक पखवाडे से भी अधिक समय से धरना जारी है उस पर हमारे जनप्रतिनिधि मोन है इससे बडा आश्चर्य और क्या हो सकता है। महिलाओं ने बताया कि कुंवारिया में विगत 20 वर्षों से पंचायत समिति की मांग की जारही है उसकी जानबूझकर उपेक्षा करना सरासर गलत है। महिलाओं ने बताया कि गलत मंशा से प्रस्ताव बना कर कुंवारिया तहसील मुख्यालय को अन्य प्रस्तावित पंचायत समिति में जोड़ा जा रहा है जो पुरी तरह से गलत है।
महिलाओं ने कहा कि कुंवारिया की जनता जिला कलेक्टरी नहीं मांग रहे है मात्र पंचायत समिति मांग रहे है उस पर जनप्रतिनिधियों का रवेया काफी अधिक निराशाजनक है। महिलाओं ने क्षैत्रिय जनप्रतिनिधियों से कुंवारिया की पंचायत समिति की मांग को पुरा करने में सहयोग करने की मांग की है।
महिलाओं ने बताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय के साथ द्वेष भावना बरती जा रही है उसी का परिणाम है कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पात्र होने के बाद भी उपेक्षा की जा रही है। महिलाओं ने बताया कि कुंवारिया में पंचायत समिति के लिए आधारभूत व मूलभूत सुविधाएं सभी उपलब्ध होने के बाद भी कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर कुंवारिया की अपेक्षा की जा रही है वो सरासर गलत है। महिलाओं ने बताया कि यह कितनी अधिक आश्चर्य वाली बात है जिस विधायक के प्रचार के दौरान कुंवारिया के वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रवीण पीपाडा कोरोना की चपेट में आकर असमय ही निधन हो गया ऐसे युवा कार्यकर्ता स्व. पीपाड़ा के गांव की मांग तक को नहीं सुना व समझा जारहा है।
महिलाओं ने कहा कि लोकतंत्र है आम जनता ने वोट देकर ही आगे पहुंचाया है ऐसे में आम जनता की भावनाओं के साथ ना खेला जाए एवं आम जनता के साथ न्याय करने की गुहार लगाई है। महिलाओं ने बताया कि कुंवारिया में तहसील कार्यालय, पुलिस थाना, सीएचसी, ब्रॉडगेज, फोरलेन सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी उपेक्षा की जा रही है वो सरासर गलत है।
महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनेगी तो क्षेत्र की 20 से भी अधिक ग्राम पंचायतों का कुंवारिया से सीधा जुड़ाव होगा तथा आम जन को हर प्रकार से सुविधाजनक रहेगी। महिला कार्यकर्ताओं ने पुरजोर तरिके से कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की मांग की है।
महिलाओं ने इस बात को लेकर भी कडा रोष जताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय के बाजार चार दिन बंद रहे, ग्रामीण भाई व बहन धरना दे रहे है पर गांव की आवाज को जानबुझकर अनसुना किया जारहा है। महिलाओं ने कडे शब्दो में कहा कि कुंवारिया की वाजिब मांग को अनसुना किया तो चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेगे।
इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य कुसुम तातेड़, सुनिता तातेड़, पल्लवी ओस्तवाल, शालीनी तातेड, वनिता तातेड, टिना पीपाडा, सीमा तातेड़, विनिता पीपाड़ा, भावना तातेड़, आशना देवी, शालु तातेड़, स्नेहा तातेड़, अल्का तातेड़, सीमा तातेड़, स्वाती तातेड़, दिपिका पीपाडा, मधु पीपाड़ा आदि काफी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित थी।



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