कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर धरना रहा जारी
ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज को किया बुलंद
कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर धरना रहा जारी
ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज को किया बुलंद
ग्रामीणों ने कहा कुंवारिया पंचायत समिति बनने से क्षेत्र का होगा चहुमुखी विकासकार्यकर्ताओं ने मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया
राजसमंद। कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति की मांग को लेकर २५वें दिन भी धरना जारी रहा। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज को बुलंद किया। कार्यकर्ताओं ने मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करके अपनी मांग से अवगत कराया गया।
कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की मांग को लेकर विगत पच्चीस दिन से भी अधिक समय से तहसील परिसर के बाहर धरना अनवरत रूप से जारी रहा। सोमवार को कुंवारिया सहित आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल से मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन मेल के माध्यम से प्रेषित करके कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की गुहार लगाई।
क्षैत्र के ग्रामीणों के द्वारा मुख्यमंत्री को मेल के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में बताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर आवाजाही की काफी अच्छी सुविधा है जिससे क्षेत्र के बीस से भी अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का सीधा जुडाव होगा जो आमजन के लिए काफी अधिक सुविधाजनक रहेगा। कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति नहीं बनाकर कुंवारिया से 15 किलोमीटर दूर प्रस्तावित पंचायत समिति मैं कुंवारिया को शामिल करने का निर्णय तर्कविहीन तथा आमजन के लिए अन्यायपूर्ण और जनविरोधी होना बताया।
ग्रामीणों ने बताया कि कुंवारिया में पंचायत समिति बनेगी तो क्षैत्र के 95 राजस्व गांव तथा 20 से भी अधिक ग्राम पंचायतो को सीधा फायदा मिलेगा। कुंवारिया में फोरलेन, ब्रोडगेज, तहसील, पुलिस थाना, सीएचसी सहित मुलभुत सुविधाए उपलब्ध है ऐसे में कुंवारिया को प्राथमिकता से पंचायत समिति बनाना चाहिए। कुंवारिया के मेला परिसर में आवश्यक निर्माण भी उपलब्ध है ऐसे में पंचायत समिति के भवन निर्माण की भी तुरन्त आवश्यकता नहीं रहेगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों से कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति का गठन करने की पुरजोर तरीके से मांग की गई।
इस अवसर पर कुंवारिया ग्राम पंचायत प्रशासक ललित श्रीमाली, घाटी ग्राम पंचायत उपसरपंच विजय प्रकाश सनाढय, गिरिराज पालीवाल, अधिवक्ता महेश सेन, प्रकाश खटीक, मुकेश शर्मा, अजय प्रजापत, गोपाल पालीवाल, पारस सालवी, छीतरमल जाट, मनीष खटीक, चचंल सालवी, रतन लाल, विनोद कुमार, गिरिराज काबरा, महेन्द्र प्रजापत, रितिव सोमानी, सुरेश चन्द्र, जगदीश चन्द्र आदि काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।




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