कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर आयोजित बैठक में बनाई आंदोलन की विशेष रूपरेखा
आंदोलन को तेज करने पर बनी सहमति
कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर आयोजित बैठक में बनाई आंदोलन की विशेष रूपरेखा
आंदोलन को तेज करने पर बनी सहमति
निर्धारित मापदंड को पुरा करने पर भी कुंवारिया की उपेक्षा करने पर कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
राजसमंद । कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की मांग को लेकर कस्बे के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें पंचायत समिति की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को तेज करने सहित विभिन्न विषयों की रूपरेखा तैयार की गई।
आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति गठन करने को लेकर समस्त निर्धारित मापदंड पूरे करने के बावजूद भी कुंवारिया की अपेक्षा की जा रही है जो कि सरासर गलत है। कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग मात्र कुंवारिया की नहीं हो कर पुरे क्षैत्र की है तथा इसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि विगत 28 दिन से कुंवारिया में आंदोलन किया जा रहा है।
कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से पंचायत समिति बनाने से क्षेत्र के 95 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलेगी। कुंवारिया में फोरलेन, ब्रॉडगेज, पुलिस थाना, तहसील मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध है जिससे क्षेत्र के 95 राजस्व गांव तथा 25 से अधिक ग्राम पंचायतों का सीधा जुड़ाव रहेगा जिससे आमजन को काफी अधिक लाभ मिलेगा। कुंवारिया क्षैत्र की पच्चीस ग्राम पंचायतो के मध्य में स्थित होने से आमजन के लिए सुविधाजनक रहेगा।
बैठक में कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुंवारिया में पंचायत समिति की मांग को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन के तहत आमरण अनशन, भुख हड़ताल, जेल भरो आंदोलन, जयपुर कूच करने सहित विभिन्न विकल्पों पर भी गहन मंत्रणा की गई। बैठक में कुंवारिया में चल रहे आंदोलन को तेज करने की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।
आयोजित बैठक में कुंवारिया ग्राम पंचायत प्रशासक ललित श्रीमाली, सुरेश चन्द्र चोधरी, पूर्व सरपंच दौलत सिंह शक्तावत, छितरमल जाट, विपिन तातेड़, गोवर्धन दास वेष्णव, विनोद तातेड़, गोतम ओस्तवाल, मुकेश शर्मा, सर्व व्यापार संघ के अध्यक्ष गिरिराज मुन्दड़ा, अधिवक्ता महेश सेन, मनोज गोड़, मांगी लाल सेन, विनय दाधीच, गिरिराज काबरा, अमर सिंह डोडिया, संजय पारीक, अजय प्रजापत, छगन लाल रेगर, शेषमल प्रजापत, ओम प्रकाश चावला, अशोक दाधीच, विषाग सेन, पुष्कर तेली, मनोहर दास वेष्णव, ऋतिव सोमानी, गोपाल पालीवाल, पारस सालवी, भगवती लाल, शंकर लाल, राम लाल, रतन लाल, बद्री लाल, भेरू लाल आदि काफी सख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।





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