ग्रामीणों व किसानों ने बैठक करके खाली पड़े जलाशयों को भरने की उठाई मांग
ग्रामीण व किसान सामुहिक रूप से आज जिला प्रशासन को ज्ञापन देने जाएंगे
ग्रामीणों व किसानों ने बैठक करके खाली पड़े जलाशयों को भरने की उठाई मांग
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा राजसमंद झील का पानी व्यर्थ में बह रहा, उससे बढिय़ा खाली जलाशयों को भरा जाए
कुंवारिया के नीलकंठ महादेव मंदिर में ग्रामीणों व किसानों की बैठक का आयोजन
ग्रामीण व किसान सामुहिक रूप से आज जिला प्रशासन को ज्ञापन देने जाएंगे
राजसमंद। कुंवारिया कस्बे के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में रविवार की रात को क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों की सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने एक स्वर में राजसमंद झील के पानी से क्षेत्र के खाली जलाशयों को भरने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया गया।
आयोजित बैठक मे कुंवारिया, खाकलिया खेड़ा, सूरजपुरा, लालपुर, भेरूखेड़ा आदि गांवों काफी सख्ख्या में उपस्थित धरतीपुत्र किसानों व क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र के जलाशय खाली पड़े हुए हैं तथा आने वाले दिनों में पानी की विकट समस्या उत्पन्न हो सकती है। वर्तमान में राजसमंद झील लबालब भर चुकी है तथा विगत कुछ दिनों से सतत रूप से राजसमंद झील की चादर चल रही है। राजसमंद झील का पानी रपट से होते हुए बनास नदी तक बहते हुए पहुंच रहा है जबकि बनास नदी में पहले से ही भारी मात्रा में पानी बह रहा है।
किसानों व प्रबुद्धजनों ने कहा कि क्षेत्र के जलाशय खाली पड़े हैं तथा गर्मी के दौर में पानी की विकट समस्या रहेगी जिससे पेयजल व सिंचाई के दौरान आमजन व किसानों को तकलीफ रहेगी। ग्रामीणों ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई कि राजसमंद झील की नहर के माध्यम से क्षेत्र के खाली पड़े हुए जलाशयों को भरा जाए ताकि भूगर्भ जल का स्तर बढ़ेगा जिसके कारण पेयजल व सिंचाई के दौरान आमजन व किसानों को भारी राहत मिलेगी। किसानों ने इस बात की चिंता व्यक्त की गई की क्षेत्र के जलाशय खाली पड़े हैं और राजसमंद झील की चादर पर रपट के माध्यम से अमूल्य पानी व्यर्थ में बर्बाद हो रहा है।
ग्रामीणों ने बैठक में बहुत ही करूणा पूर्वक कहा कि क्षैत्र के जलाशयों में इस बार काफी कम पानी की आवक हुई है। गर्मी के दौर के पहले ही कुंओं का जलस्तर घटता जारहा है जककि राजसमंद झील ओवरफ्लो होने के बाद जो पानी व्यर्थ में बनास नदी में जा रहा है, उसके एवज में नहर खोलकर कुंवारिया व आसपास के क्षेत्रों के खाली पड़े हुए तालाब, नाडिया , तलाई, एनिकट को भरा जाए ताकि आगामी गर्मी के दौर में आमजन व किसानों को राहत मिल सके।
क्षेत्र के किसानों व प्रबुद्ध जनों की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के जलाशयों की विकट हालात को देखते हुए सोमवार की सुबह 11 बजे लालपुर चौपाटी से राजसमन्द जिला कलेक्ट्री पहुंचेंगे तथा जिला प्रशासन को जलाशयों की वस्तु स्थिति से अवगत कराकर राजसमंद झील की नहर के माध्यम से कुंवारिया क्षैत्र के जलाशयों को भरने की मांग को लेकर अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया जाएगा।
आयोजित बैठक में कुंवारिया ग्राम पंचायत प्रशासक ललित श्रीमाली, उप सरपंच सुरेश चौधरी, अधिवक्ता महेश सेन, पारस सालवी, ओम प्रकाश चावला, घाटी उप सरपंच विजय प्रकाश सनाढ्य, गिरिराज काबरा, पूर्व पंसस मुकेश शर्मा, शंकर लाल जाट, गिरीश दाधीच, पूर्व उपसरपंच छीतरमल जाट, विनय दाधीच, मांगीलाल जाट, रामेश्वर साहू, नानालाल पूर्बिया, शेषमल प्रजापत, रतन लाल, त्रिलोक चंद, केशु लाल, भंवर लाल, लोभ चद, मांगी लाल, कनी राम पूर्बिया, जगदीश चंद्र, परमानंद दाधीच आदि काफी संख्या में ग्रामीण व किसान उपस्थित थे।






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