प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार हुआ ‘डिजिटल पुनर्जागरण’ - विधायक माहेश्वरी
भारत बना डिजिटल महाशक्ति
भारत बना डिजिटल महाशक्ति
राजसमंद । विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2025 तक का दशक भारत की डिजिटल क्रांति का स्वर्णिम काल रहा है। इस अवधि में भारत ने तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त करते हुए विश्व मंच पर एक ‘डिजिटल महाशक्ति’ के रूप में पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि 2015 में आरंभ हुआ ‘डिजिटल भारत अभियान’ नागरिकों को प्रौद्योगिकी से सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुआ है। 2014 में जहां देश में 25 करोड़ इंटरनेट संयोजन थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 97 करोड़ से अधिक हो चुकी है। डेटा शुल्क ₹308 प्रति जीबी से घटकर मात्र ₹9 रह जाने से इंटरनेट अब आम नागरिक की पहुँच में आ गया है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि भारतनेट योजना के अंतर्गत 2.18 लाख ग्राम पंचायतें 7 लाख किलोमीटर लंबी फाइबर नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं। भारत अब पाँचवीं पीढ़ी के मोबाइल संचार (5जी) युग में प्रवेश कर चुका है और लगभग सभी जिले इस सेवा से आच्छादित हैं।
उन्होंने बताया कि देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था अब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 13.4 प्रतिशत योगदान दे रही है और वर्ष 2030 तक यह 20 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है। एकीकृत भुगतान अंतरफलक (यूपीआई) ने डिजिटल लेनदेन को जनजीवन का अभिन्न हिस्सा बना दिया है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि आधार, डिजीलॉकर, मेरा शासन, इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी, वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क, दीक्षा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी पहलों ने शासन और सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुलभ बनाया है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का यह डिजिटल पुनर्जागरण केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि देशवासियों को सशक्त व सक्षम बनाने और समावेशी विकास की नई पहचान है।

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