भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे ''अटल जी'' - विधायक माहेश्वरी

 भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे ''अटल जी'' - विधायक माहेश्वरी

राजसमंद। विधानसभा क्षेत्र राजसमंद में 25 दिसम्बर को वंदनीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन मनाया गया। सुशासन दिवस पर संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि वाजपेयी जी का संपूर्ण जीवन शांतिसह-अस्तित्वसमतासमानतान्याय और बंधुत्व के आदर्शों का स्मरण है। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी एक सच्चे राष्ट्रवादी थे और राष्ट्रीय हित के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने विचार रखते थे। उनका टकराव पर नहींसहयोग पर विश्वास था। चाहे वे सत्ता में रहे होंया फिर विपक्ष मेंराष्ट्रहित से संबंधित मुद्दों पर सबकी राय लेते थेसबको साथ लेकर चलते थे। अटल जी का नाम वैश्विक स्तर के नेताओं में शुमार था।

विधायक ने कहा कि इतने बड़े-बड़े पदों को सुशोभित करने के बावजूद उन्होंने अहंकार को अपने पास भटकने नहीं दिया। पद का मद कभी उनके सिर पर सवार नहीं हो पाया। राजनीति की काजल-कोठरी में अटल जी पर एक भी दाग उनके सम्पूर्ण जीवन में नहीं लगा। उन्होंने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय जगत में मानवतासंवाद और मेल-मिलाप पर आधारित राजनीतिक आचार-विचार व नवाचार की शुरुआत कीजो एक मिसाल बन गई। मानवीय संवेदना से ओतप्रोत उनका हृदय क्षण भर में लाखों लोगों को उनसे जोड़ देता था। वे पारस्परिक सौहार्द बनाने वाले तथा संबंधों को बढ़ाने वाले एक सदाशयी नेता थे। वास्तव में वे भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे।

दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए अपने प्रधानमंत्रित्व काल में अटल जी ने पारदर्शीजबावदेहजनहितैषी शासन व्यवस्था की आधारशिला रखी। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के माध्यम से देश के चारों कोनों को आपस में जोड़कर प्रमुख औद्योगिककृषिरक्षापर्यटनशिक्षा और सांस्कृतिक केन्द्रों को संसाधन उपलब्ध कराया।

किसान क्रेडिट कार्डसार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा सर्व शिक्षा अभियान शुरू किया। उनके नेतृत्व में देश के विकास की बड़ी लम्बी फेहरिस्त है। यह भी प्रासंगिक है कि अटल जी के आदर्शों को अपनाकर हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सतत् कटिबद्ध हैं।

विधायक ने कहा कि भारत को आर्थिक एवं सैन्य दृष्टि से एक मजबूत राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे और इस दिशा में उनके द्वारा जो कदम उठाए गयेवे निःसंदेह स्तुत्य हैं। लोकतंत्र की रक्षा और 21वीं सदी के सशक्त व सुरक्षित भारत के लिए अटल जी ने जो कियावह अविस्मरणीय है। उन्होंने लगभग सात दशकों तक विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए देश की सेवा की। साथ ही पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न बनाया।

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