साकेत साहित्य संस्थान की 31वीं पुस्तक का हुआ विमोचन
साकेत साहित्य संस्थान की 31वीं पुस्तक का हुआ विमोचन
राजसमंद । जिला जल स्वच्छता मिशन की बैठक व विश्व जल दिवस कार्यक्रम रविवार दिनांक 22 मार्च को आयोजित किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर राजसमंद अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता मे जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा हेतु जिला जल स्वच्छता मिशन की मासिक बैठक का आयोजन , अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व अन्य सदस्यों की उपस्थिति मे जिला परिषद सभागार में किया गया ।
कार्यक्रम की शुरुआत नीतू बापना ने अपनी सुमधुर सरस्वती वंदना से की। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी पदाधिकारियों का स्वागत साकेत साहित्य संस्थान के अध्यक्ष वीणा वैष्णव और उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव द्वारा किया गया।
विश्व जल दिवस के अवसर पर जिला जल स्वच्छता मिशन राजसमंद व साकेत साहित्य संस्थान के संयुक्त तत्वाधान मे में भी जल रक्षक अभियान के तहत काव्य् पाठ व संगोष्ठी आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रसिद्ध साहित्यकारों और कवियों ने भाग लिया और सम्बन्धित विषय पर अपनी अर्थपूर्ण रचना प्रस्तुत की। जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, अभियंता , अधिशाषी अभियंता , सभी पदाधिकारियों, जल योद्धा दिनेश श्रीमाली, साकेत साहित्य अध्यक्ष वीणा वैष्णव, उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव और कोषाध्यक्ष राधेश्याम राणा द्वारा साकेत साहित्य संस्थान की 31 वीं पुस्तक "जल ही जीवन है" का विमोचन किया गया।
जिला कलेक्टर ने साकेत साहित्य संस्थान के साहित्यिक गतिविधियों की सराहना की साथ ही संस्थान के साहित्य साधकों आमेट तहसील अध्यक्ष मुकेश वैष्णव, मदनलाल जोशी सार्थक उदयपुर, ममता खटीक सरदारगढ़,मुकेश बडारिया , मनोज सोलिया खमनोर, मोहनलाल रेगर व शांतिलाल बुनकर देवगढ़, कुमार दिनेश कुंवारिया, राजेंद्र सनाढ्य राजन कोठारिया, विष्णु चरण भट्ट राजसमंद, छोटेलाल सारस्वत कोटड़ा ,अजमेर आदि को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
साथ ही साकेत की अध्यक्ष वीणा वैष्णव , उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव, मीडिया प्रभारी अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली ", गोष्ठी प्रभारी कुमार दिनेश को भी जिला कलेक्टर ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
साकेत के कोषाध्यक्ष राधे श्याम राणा को पुस्तक "जल ही जीवन है " के संपादक के रूप में बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया । तत्पश्चात साकेत के उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने वर्ष पर्यंत चलने वाली साकेत साहित्य संस्थान की सभी साहित्यिक गतिविधियों का जानकारी देते हुए बताया कि यह संस्थान अब तक विभिन्न समसामयिक आवश्यक विषयों पर 30 पुस्तकों का प्रकाशन करवा चुकी है। साथ ही उन्होंने 31 वीं पुस्तक की समीक्षा करते हुए बताया कि पृष्ठ में जिल भर के प्रसिद्ध साहित्यकारों और कवियों की रचनाओं का संकलन किया गया है। तत्पश्चात सभी कविजन ने अपनी स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत की, जो कि जनजागरुकता फैलाने के लिए मददगार हैं, अर्थपूर्ण रचनाएं सुनकर जिला परिषद् सभागार करतल ध्वनियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर के साथ जल व अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, साकेत साहित्य संस्थान के प्रबुद्ध कवि और साहित्यकार छगन लाल प्रजापत, नीतू बापना, आशा पालीवाल,मोहन रैगर, कुमार दिनेश , कमलेश जोशी , चंद्रशेखर नारलाई , डॉ संजय गौड़, राजेंद्र राजन, अनिल पालीवाल, प्रेमलता चोरड़िया ,अशोक कुमार , सत्यनारायण नागौरी, लादू लाल वर्मा, बख्तावर सिंह चुंडावत, दाऊ दर्शन पालीवाल, संपत उजाला, सुशीला कुमारी, राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य, कपिल पालीवाल, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम शर्मा आदि गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में साकेत साहित्य अध्यक्ष वीणा वैष्णव ने कोषाध्यक्ष राधे श्याम राणा को इस पुस्तक के संपादन कार्य का बखूबी निर्वहन करने के लिए बधाई देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि साकेत साहित्य संस्थान जिले भर में जनजागरुकता लाने और लेखन क्षेत्र में लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए हमेशा नित नए प्रयास करती हैं, तथा साकेत के सभी साहित्यकार व कविजन को इस साहित्य साधना और सेवा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में कार्यक्रम संचालक राधे श्याम राणा और शम्भू बागोर ने सभी का आभार व्यक्त किया।



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