महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय अधिनियम राजस्थान के खेल जगत के लिए अनुपम उपहार - विधायक माहेश्वरी

महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय अधिनियम राजस्थान के खेल जगत के लिए अनुपम उपहार - विधायक माहेश्वरी

राजसमंदविधायक राजसमंद दीप्ति माहेश्वरी ने महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय अधिनियम पारित होने को राजस्थान के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक और अनुपम उपहार बताया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से राज्य में खेल शिक्षाप्रशिक्षण और अनुसंधान को एक सुदृढ़ संस्थागत आधार मिलेगाजिससे युवा खिलाड़ियों को अपने कौशल को विकसित करने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि आज के समय में खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहींबल्कि युवाओं के शारीरिकमानसिक और नैतिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचनावैज्ञानिक प्रशिक्षण और खेल अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगाजिससे राजस्थान के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विश्व के प्रथम पाँच खेल राष्ट्रों में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दूरदर्शी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार खेल क्षेत्र में निरंतर सुधार और निवेश कर रही हैं। महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना इसी राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधायक दीप्ति ने बताया कि इस विश्वविद्यालय में खेल विज्ञानखेल प्रौद्योगिकीखेल चिकित्सा और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इससे खिलाड़ियों को वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण प्राप्त होगा और उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिलेगी। साथ ही प्रशिक्षकोंखेल प्रबंधकों और खेल वैज्ञानिकों की नई पीढ़ी तैयार करने में भी यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैंजिन्हें उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की आवश्यकता होती है। यह विश्वविद्यालय ऐसे खिलाड़ियों को मंच प्रदान करेगा और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय अधिनियम से राजस्थान में खेल संस्कृति को नई गति मिलेगी और राज्य के युवा खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे।

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