विकसित भारत के निर्माण में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका अपरिहार्य - राजसमंद विधायक माहेश्वरी
भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन का आयोजन
विकसित भारत के निर्माण में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका अपरिहार्य - राजसमंद विधायक माहेश्वरी
भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन का आयोजन
राजसमंद/भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में राजसमंद विधानसभा क्षेत्र की विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सक्रिय सहभागिता करते हुए देशभर के युवा जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों, क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में युवा विधायकों की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
राजसमंद विधायक माहेश्वरी ने कहा कि आज की राजनीति में जनप्रतिनिधि से अपेक्षाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का जनप्रतिनिधि केवल सदन तक सीमित नहीं रह सकता — उसे सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे जनता के बीच उपस्थित रहना होता है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सार्वजनिक जीवन और पारिवारिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाए रखना एक व्यावहारिक और मानवीय आवश्यकता है, जिससे युवा जनप्रतिनिधि विशेष रूप से जूझते हैं।
अपने अनुभव को युवा विधायकों के साथ साझा करते हुए विधायक माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में खारी फीडर की क्षमता वृद्धि को अपना प्राथमिक लक्ष्य निर्धारित किया था। इस कार्य के लिए उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक अनवरत प्रयास किए और अंततः वर्तमान बजट में इसे स्वीकृति प्राप्त हुई। उन्होंने युवा विधायकों को यह संदेश दिया कि अपने क्षेत्र की किसी एक बड़ी और जनहितकारी योजना को लक्ष्य बनाएं तथा उसे पूरा करवाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहें — सफलता अवश्य मिलती है।
विधायक माहेश्वरी ने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि युवा जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल नीतियाँ बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिक को शासन की प्रक्रिया से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि जब जनता को यह विश्वास होता है कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है, तभी वास्तविक विकास संभव होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनकल्याण के प्रति समर्पित वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियाँ जन-जन तक पहुँच रही हैं।
विकसित भारत 2047 के विजन को संदर्भित करते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि यह लक्ष्य केवल केंद्र अथवा राज्य सरकार का नहीं, अपितु प्रत्येक जनप्रतिनिधि का है। उन्होंने युवा विधायकों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और कृषि विकास जैसे मूलभूत क्षेत्रों में ठोस एवं दीर्घकालिक परिणाम सुनिश्चित करें, क्योंकि राष्ट्र का निर्माण गाँव और विधानसभा की गलियों से होकर ही गुजरता है।





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