सहारा निवेशकों की राशि वापसी को लेकर संसद में महिमा कुमारी मेवाड़ ने उठाई मजबूत आवाज
सहारा निवेशकों की राशि वापसी को लेकर संसद में महिमा कुमारी मेवाड़ ने उठाई मजबूत आवाज
राजसमंद/नई दिल्ली। राजसमंद से जनप्रतिनिधि महिमा कुमारी मेवाड़ ने संसद में देश के लाखों निवेशकों से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे—Sahara India Pariwar में फंसी जमा पूंजी—को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि सहारा समूह की विभिन्न निवेश योजनाओं में देशभर के करोड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिल पाई है।
महिमा कुमारी मेवाड़ ने अपने वक्तव्य में कहा कि राजसमंद सहित देश के विभिन्न राज्यों के मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों ने अपने जीवनभर की बचत सहारा की योजनाओं में लगाई थी। कई परिवार आज भी अपनी ही जमा पूंजी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यह मुद्दा केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न रिपोर्टों और जनसुनवाइयों में सामने आया है कि लाखों निवेशक आज भी अपनी रकम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कस्बों और बुजुर्ग निवेशकों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है, जिन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए यह निवेश किया था।
महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई करते हुए सभी पात्र निवेशकों की धनराशि शीघ्र वापस दिलाने के लिए प्रभावी तंत्र बनाया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि निवेशकों की पहचान, दावों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा, “यह केवल धन वापसी का प्रश्न नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास और न्याय का प्रश्न है। सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कदम उठाने चाहिए।” महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा संसद में उठाया गया यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है और प्रभावित निवेशकों को इससे नई उम्मीद मिली है।
उन्होंने कहा, “यह केवल धन वापसी का प्रश्न नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास और न्याय का प्रश्न है। सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कदम उठाने चाहिए।” महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा संसद में उठाया गया यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है और प्रभावित निवेशकों को इससे नई उम्मीद मिली है।


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