'' 24 अप्रैल '' संविधान की मूल आत्मा की रक्षा का ऐतिहासिक दिवस - विधायक माहेश्वरी
'' 24 अप्रैल '' संविधान की मूल आत्मा की रक्षा का ऐतिहासिक दिवस - विधायक माहेश्वरी
राजसमंद। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि ''24 अप्रैल'' भारत के संवैधानिक इतिहास का एक निर्णायक दिन है, जब वर्ष 1973 में उच्चतम न्यायालय ने केशवानंद भारती विरुद्ध केरल राज्य के ऐतिहासिक निर्णय के माध्यम से “बेसिक स्ट्रक्चर सिद्धांत” स्थापित कर संविधान की मूल आत्मा की रक्षा का मार्ग प्रशस्त किया।
विधायक माहेश्वरी ने बताया कि इस ऐतिहासिक निर्णय ने संसद की संशोधन शक्तियों पर आवश्यक सीमाएं तय की, जिससे लोकतंत्र, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, संघीय ढांचा और मौलिक अधिकार जैसे मूल सिद्धांत सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि उस समय की कांग्रेस सरकार, विशेषकर इंदिरा गांधी के नेतृत्व में, संविधान में असीमित हस्तक्षेप की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन न्यायपालिका ने दृढ़ता से हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद वरिष्ठ न्यायाधीशों की सुपरसेशन जैसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया था कि कांग्रेस सत्ता के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने से भी पीछे नहीं हटती। यह घटनाक्रम न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न था।
विधायक माहेश्वरी ने कहा कि आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि संविधान सर्वोपरि है और किसी भी सरकार या संस्था को इसकी मूल भावना से ऊपर नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकारें संविधान की मर्यादाओं का पालन करते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन सुनिश्चित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सुशासन, विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार संविधान के मूल मूल्यों—न्याय, समानता और अवसर—को धरातल पर साकार कर रही है। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका इतिहास संस्थाओं को कमजोर करने और सत्ता के केंद्रीकरण का रहा है, जबकि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की सच्ची संरक्षक है।
सशक्त पंचायतों से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार
राजसमंद। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज दिवस जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रेरणादायक अवसर है।
विधायक माहेश्वरी ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा 2021-26 के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को लगभग ₹2.4 लाख करोड़ का अनुदान दिया गया है, जिससे पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई और विकास कार्यों को गति मिली। पंचायतें जनभागीदारी, पारदर्शिता और सुशासन की आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें पंचायत सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डिजिटल गवर्नेंस, ग्राम पंचायत विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहले ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वामित्व योजना के तहत 3.29 लाख गांवों का ड्रोन सर्वे कर 2.65 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित किए गए, जिससे ग्रामीणों को वैधानिक अधिकार मिले और विवाद घटे।
उन्होंने बताया कि अब 1.25 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें डिजिटल रूप से जुड़ चुकी हैं और 95% गांवों में 4G/5G सुविधा उपलब्ध है। भाजपा सरकार ने अधिकार, संसाधन और तकनीक देकर पंचायतों को सशक्त बनाया है, जिससे गांव आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।


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