दमनात्मक कार्यवाहियों के विरोध में दिया ज्ञापन

ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक आमेट के पदाधिकारियों व सदस्यों ने जताया कड़ा रोष

दमनात्मक कार्यवाहियों के विरोध में दिया ज्ञापन

आमेट विकास अधिकारी के माध्यम से मंत्री पंचायतीराज विभाग को भेजा ज्ञापन

ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक आमेट के पदाधिकारियों व सदस्यों ने जताया कड़ा रोष

राजसमंद। जिले में सम्पूर्ण एवं निरन्तर स्वच्छता में की जा रही दमनात्मक कार्यवाहियों के विरोध में आमेट ब्लॉक ग्राम विकास अधिकारी संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सामुहिक रूप से आमेट पंचायत समिति के विकास अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मंत्री पंचायतीराज विभाग को ज्ञापन प्रेषित करके दमनात्मक कार्यवाही पर कडा रोष जताते हुए अपनी नारजगी व्यक्त की गई।

 पंचायतीराज विभाग मंत्री राजस्थान सरकार, जयपुर को विकास अधिकारी आमेट के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में ग्राम विकास अधिकारी संघ ने बताया कि ग्रामीण राजस्थान को सम्पूर्ण एवं निरन्तर स्वच्छ रखने के लिए आपके द्वारा विगत दो वर्षों से निर्देश प्रदान किये जा रहे है जिसकी पालना में विभाग द्वारा बीएसआर दरें निर्धारण से लेकर मूल्यांकन एवं भुगतान प्रक्रिया के सम्बन्ध में विभिन्न परिपत्र जारी किये गये हैं। आपके निरन्तर प्रयासों से कार्यकारी संस्थाओं के कर्मचारी/अधिकारियों में सफाई को लेकर बहुत अधिक जागरूकता भी आई है तथा यह अपने क्षेत्र को साफ एवं स्वच्छ रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत भी है, लेकिन कुछ तकनीकी एवं व्यावहारिक जटिताओं तथा कुछ उच्च अधिकारियों की उदासीनता एवं व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए आपके एवं विभागीय निर्देशों के विपरीत कार्य करने से सफाई की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है।

ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश में सफाई के लिए तैयार किये जाने वाले जी-श्यूडयूल में एकरूपता नहीं है। कहीं झाडू लगाने का कार्य सप्ताह में एक बार लिया गया है तो कहीं तीन दिन में एक बार, जबकि आपके निर्देश प्रतिदिन झाडू लगाने के है। इसी प्रकार कचरा संग्रहण के लिए भी कहीं माह में दस बार है तो कहीं माह में 15 बार जबकि इस सम्बन्ध में भी आपके निर्देश प्रतिदिन के है। ऐसे में तकनीकी रूप से त्रुटि किसी और अधिकारी की है और दण्ड कार्यकारी संस्था के अधिकारी/कर्मचारी को दिये जा रहे है जो न्यायोचित नहीं है।

ज्ञापन में बताया गया है कि विभागीय स्थाई आदेश संख्या 1 दिनांक 03.09.2024 के बिन्दू संख्या 5 एवं आदेश क्रमांक 1459-64 दिनांक 03.09.2024 के द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिये गए है कि विकास अधिकारी पंचायत समिति मॉडल टेण्डर अनुसार ग्राम पंचायतवार पंचायत समिति स्तर पर राजस्थान लोक उपापन नियम के तहत निविदा की कार्यवाही करेंगे तथा किसी भी फर्म को दो से अधिक ग्राम पंचायत को टेण्डर नहीं देंगे।

उन्होने ज्ञापन में बताया है कि इन आदेशों एवं निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना करते हुए प्रदेश में अधिकांश पंचायत समितियों द्वारा टेण्डर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता एवं लापरवाही की गई। यहां तक की कुछ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अपने निजी हित पूर्ण करने के लिए ऐसे संवेदको को निविदाएँ छोड दी गई जिनके पास ना ही तो सफाई का अनुभव है एवं नाही संसाधन है। यहां तक की वर्तमान में जिन अधिकारियों द्वारा अपने निजी हित पूर्ण नहीं होने पर कार्यकारी संस्थाओं एवं ग्राम विकास अधिकारियों पर दमनात्मक कार्यवाही की जा रही है उनके द्वारा सम्पूर्ण पंचायत समिति के ग्राम पंचायतों की एक ही संवेदक को निविदा छोड दी गई, जिसके कारण सफाई नहीं हो रही है।

प्रदेश में ऐसे आयोग्य संवेदकों की कार्यकारी संस्थाओं द्वारा कार्य करवाने के लिए लगातार नोटिस भी दिये गये है। साथ ही उच्च अधिकारियों को समय-समय पर मौखिक एवं लिखित में अवगत भी करवाया गया है, उसके बाद भी ऐसे संवेदकों के विरुद्ध आज दिवस तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है एवं कुछ जगह तो बिना कार्य भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है।

सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने का दायित्व विकास अधिकारी, पंचायत समिति का है। प्रदेश में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में महिनों पूर्व टेण्डर अवधी समाप्त हो गई, लेकिन आज दिनांक तक भी उन पंचायत समितियों में निविदा नहीं की गई। इसी प्रकार प्रदेश की शेष ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2026 को निविदा अवधी समाप्त हो गई. ऐसे में इन ग्राम पंचायतों में भी आज दिनांक तक निविदा आमंत्रित नहीं करने एवं संवेदक नहीं होने के कारण सफाई करवाना संभव नहीं हो रहा है।

प्रदेश के मंत्री के द्वारा विभागीय स्तर की विभिन्न बैठकों में टेण्डर नहीं होने की स्थिति में बीएसआर दर पर ग्राम पंचायत को सफाई करवाने के अधिकार देने के निर्देश दिये जाते रहे है, लेकिन विभाग से ऐसा आदेश आज दिनांक तक जारी नहीं हुआ है, जिसके कारण आज दिनांक को ना ही तो कोई संवेदक है एवं ना ही ग्राम पंचायत को मस्टरॉल / बीएसआर दर पर कार्य करवाने के अधिकार है।

प्रदेश के कुछ जिलों (डूंगरपुर, बांसवाडा, राजसमंद आदि) में विभाग की वित्त शाखा की अनदेखी / लापरवाही के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य वित्त आयोग एवं केन्द्रीय वित आयोग की विभिन्न किश्तों की कोई राशि हस्तान्तरित नहीं हुई है तथा लगभग 7800 ग्राम पंचायतों में भी एफएफसी की राशि प्राप्त नहीं हुई है। सातवें राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत स्वीकृतियां जारी करने के लिए ई-पंचायत पोर्टल पर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। राशि के अभाव में सफाई प्रक्रिया बाधित हो रही है।

हाल ही में मंत्री के द्वारा स्वच्छता सम्बन्धी कार्यों में लापरवाही के कारण कुछ उच्च अधिकारियों पर कार्यवाही की गई जिसके बाद कुछ अधिकारियों द्वारा अपनी लापरवाही एवं उदासीनता छुपाने के लिए तथा कुछ के द्वारा भय का माहौल बनाकर अपने निजी हित पूर्ण करने एवं खुद पर होने वाली कार्यवाही के बचाव के लिए दस्तावेज तैयार करने के उद्देश्य से हजारों निर्दोष ग्राम विकास अधिकारियों के विरूद्ध विगत्त सात दिवस में अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है जो आपकी भावनाओं के पूर्णत: विपरीत है।

ज्ञापन में विशेष ध्यानाकर्षण करते हुए बताया गया कि प्रदेश की शत प्रतिश्त जिला परिषदो एवं पंचायत समितियों के अधिकारियों द्वारा राज्य एवं केन्द्रीय वित आयोग की गाईड लाईन के विपरीत स्वच्छता की राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया है। इनके द्वारा स्वच्छता सम्बन्धी निर्देशों की बडे स्तर पर स्पष्ट अवहेलना की गई है एवं अब छोटे कर्मचारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए मंत्री की सम्पूर्ण एवं निरन्तर स्वच्छता की भावना के विपरीत भय एवं आक्रोश का माहौल उत्पन्न किया जा रहा है।

ज्ञापन के अत: में मंत्री से अनुरोध किया है कि इस विषय में राज्य स्तरीय दलों से विस्तृत जांच करवाकर वास्तविक दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करवाने का श्रम करें। कुछ अधिकारियों द्वारा खुद की सुरक्षा के दस्तावेज बनाने की नियत से की गई कार्यवाही को आगामी 5 दिवस में निस्तारित नहीं किया गया तो सम्बन्धित उप शाखा के द्वारा 20 अप्रैल से मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान का बहिष्कार किया जावेगा।

इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक आमेट के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मीणा, जिला मंत्री देवी लाल गुर्जर, संभाग मंत्री संतोष सिंह, मनोज कुमार, सूरज सिंह, विक्रम सिंह, निरंजन गुर्जर, ओम प्रकाश रेगर, आशा चौहान, उमेश सिंह आदि ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।

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