स्वच्छतादूतो ने उठाई कुंवारिया में पंचायत समिति बनाने की मांग
पंचायत समिति की मांग को लेकर स्वच्छतादूतो ने दिया मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
स्वच्छतादूतो ने उठाई कुंवारिया में पंचायत समिति बनाने की मांग
पंचायत समिति की मांग को लेकर स्वच्छतादूतो ने दिया मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
कुंवारिया पंचायत समिति बनने से क्षेत्र का होगा चहुमुखी विकास
राजसमंद। कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की मांग को लेकर विगत ईक्कीस दिन से भी अधिक समय से तहसील परिसर के बाहर धरना अनवरत रूप से जारी रहा। शुक्रवार को कुंवारिया सहित आसपास के क्षेत्र के स्वच्छतादूतो ने तहसील परिसर में पहुंच कर कुंवारिया तहसीलदार सीताराम बोलीवाल को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देकर कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति बनाने की गुहार लगाई।
ज्ञापन देने के लिए पहुचे स्वच्छतादूतो ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बताया कि कुंवारिया में आवाजाही की काफी अच्छी सुविधा है जिससे क्षेत्र की बीस से भी अधिक ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का सीधा जुडाव होगा जो आमजन के लिए काफी अधिक सुविधाजनक रहेगा।
स्वच्छतादूतो ने बताया कि कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति नहीं बनाकर कुंवारिया से 15 किलोमीटर दूर प्रस्तावित पंचायत समिति मैं कुंवारिया को शामिल करने का निर्णय तर्कविहीन तथा आमजन के लिए अन्यायपूर्ण और जनविरोधी होना बताया।
स्वच्छतादूतो ने बताया कि कुंवारिया में पंचायत समिति बनेगी तो क्षैत्र के 95 राजस्व गांव तथा 25 से भी अधिक ग्राम पंचायतो को सीधा फायदा मिलेगा।
कुंवारिया में फोरलेन, ब्रोडगेज, तहसील, पुलिस थाना, सीएचसी सहित मुलभुत सुविधाए उपलब्ध है ऐसे में कुंवारिया को प्राथमिकता से पंचायत समिति बनाना चाहिए।
कुंवारिया के मेला परिसर में आवश्यक निर्माण भी उपलब्ध है ऐसे में पंचायत समिति के भवन के निर्माण की भी तुरन्त आवश्यकता नहीं रहेगी। स्वच्छतादूतो ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों से कुंवारिया तहसील मुख्यालय पर पंचायत समिति का गठन करने की पुरजोर तरीके से मांग की गई।
इस अवसर पर स्वच्छतादूत पार्वती देवी, सीता देवी, सीता देवी, आशा देवी, वंदना, राखी, अनीता देवी, भावना देवी, सपना देवी, पूजा, पवन कुमार, लखन कुमार, शंकर लाल, विकास कुमार, बंटी वाल्मीकि, सर्व व्यापार मण्डल के अध्यक्ष गिरिराज मुन्दडा, गोवर्धनदास वेष्णव, गिरिराज पालीवाल, विपिन तातेड़, रतन लाल खटीक, गिरिराज काबरा, अधिवक्ता महेश सेन, प्रकाश खटीक, मुकेश शर्मा, अजय प्रजापत, शेखर पालीवाल, पारस सालवी, रामप्रकाश सोमानी, विनय दाधीच, गौपाल पालीवाल, जगदीश जागेटिया, भेरू लाल जाट, महेन्द्र प्रजापत आदि काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।




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