गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
राजसमंद। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल पराधीनता की बेड़ियों से मुक्ति नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, पहचान, विरासत और आत्मसम्मान के साथ राष्ट्र को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़ते हुए आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ विकास की नई दिशा तय की है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि नया संसद भवन, कर्तव्य पथ, भारतीय नौसेना के ध्वज पर छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रतीक चिन्ह तथा औपनिवेशिक दौर के 1800 से अधिक असंगत कानूनों का खात्मा बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इन पहलों से भारतीय विरासत, इतिहास और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई प्रतिष्ठा मिली है। भारत आज आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति, आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तथा नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में मिली सफलता ने भारत की सुरक्षा क्षमता और दृढ़ संकल्प को दुनिया के सामने स्थापित किया है। आज भारत विश्व में एक सक्षम, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा स्वतंत्रता, एकता, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से यह पर्व राष्ट्रभक्ति और विकसित भारत के संकल्प का उत्सव बनेगा।

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