शिवमय हुआ राजसमंद, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

शिवमय हुआ राजसमंदगूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

राजसमंद। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को राजसमंद नगर भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। चारों ओर गूंजते “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोषों के बीच विभिन्न कांवड़ यात्राएं श्रद्धा एवं उल्लास के साथ निकाली गईं। राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने इन पावन कांवड़ यात्राओं में सहभागिता कर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया तथा भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर विधिवत पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक किया।

श्रावण के अंतिम सोमवार को राजनगर बस स्टैंड से रामेश्वर महादेवमाणक चौक तथा धाणी चबूतरा से रामेश्वर महादेव देवस्थान तक विभिन्न कांवड़ यात्राएं निकाली गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन यात्राओं में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्थलों से जल एकत्रित कर कांवड़ के माध्यम से भगवान शिव को अर्पित किया तथा विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव से जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं सर्वजन कल्याण की कामना की।

कांवड़ यात्राओं में महिलाओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। महिलाओं ने पूरे उत्साह और भक्ति-भाव के साथ पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा में भाग लिया और रामेश्वर महादेव को जल अर्पित किया। उनकी श्रद्धासमर्पण और भक्ति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ा दिया।

स अवसर पर यात्रा मार्ग पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की आकर्षक एवं मनोहारी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान भोलेनाथ के विभिन्न दिव्य स्वरूपों तथा शिव-पार्वती की झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भक्ति गीतों और शिव भजनों की स्वर-लहरियों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा में आगे बढ़ते रहे।

विधायक माहेश्वरी ने श्रद्धालुओं के साथ कांवड़ यात्रा में सहभागिता करते हुए भगवान रामेश्वर महादेव के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धापूर्वक भोलेनाथ को पवित्र जल चढ़ाया तथा पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख-शांतिसमृद्धि और सर्वजन कल्याण की मंगलकामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

विधायक ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधनासाधना और आत्मिक शांति का पावन पर्व है। कांवड़ यात्रा हमारी सनातन संस्कृतिआस्थाअनुशासन और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

श्रावण के अंतिम सोमवार को निकली इन कांवड़ यात्राओं से पूरा राजसमंद शिवभक्ति में डूबा नजर आया। हर-हर महादेव के जयघोषशिव भजनों की स्वर-लहरियांआकर्षक धार्मिक झांकियां और श्रद्धालुओं की आस्था ने नगर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धाउल्लास और सामाजिक एकजुटता से परिपूर्ण यह आयोजन राजसमंद की सनातन आस्था और धार्मिक चेतना की अनुपम छटा प्रस्तुत करता नजर आया।

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