सखी सावन मेले में बिखरी लहरिया की रंगत
5000 से अधिक महिलाओं ने मनाया संस्कृति और नारी शक्ति का उत्सव
सखी सावन मेले में बिखरी लहरिया की रंगत
5000 से अधिक महिलाओं ने मनाया संस्कृति और नारी शक्ति का उत्सव
राजसमंद। किरण माहेश्वरी स्मृति मंच द्वारा आयोजित भव्य एवं अभूतपूर्व सखी सावन मेले में 5000 से अधिक महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।
सावन की हरियाली, लहरिया परिधानों की रंगत, खनकती चूड़ियों, मेहंदी की खुशबू, सावन के गीतों और सखियों की खिलखिलाहट से पूरा परिसर राजस्थानी लोक संस्कृति के जीवंत उत्सव में बदल गया। पारंपरिक झूलों, सावन की आकर्षक सजावट, मेहंदी एवं श्रृंगार, लोकगीत-लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक खेलों और प्रतियोगिताओं ने महिलाओं के उत्साह को नई ऊर्जा दी।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि सखी सावन मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध राजस्थानी संस्कृति, परंपराओं, सखी-सहेलियों के आत्मीय संबंध और नारी शक्ति के उत्साह का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास प्रदर्शित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर प्रदान करते हैं। मेले में आकर्षक पुरस्कार, लक्की ड्रा, सेल्फी जोन, स्वादिष्ट व्यंजनों तथा घरेलू उत्पादों के स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
उन्होंने विशिष्ट अतिथि प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री मंजू बाघमार, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ एवं वर्षा राव का आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाने वाली दीपा सिसोदिया, वर्षा राव एवं आकृति मलिक के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाली आयोजक टीम, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों, स्टॉल संचालकों और सभी सखियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्नेह, विश्वास और सहभागिता ही सखी सावन मेले की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी आत्मीयता, उमंग और एकजुटता के साथ भविष्य में भी संस्कृति एवं महिला शक्ति के ऐसे उत्सव निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। “सावन की हरियाली—सखियों की खुशहाली” के संदेश के साथ मेले का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।






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