गवरी हमारी सनातन लोक संस्कृति और सामाजिक समरसता की सशक्त अभिव्यक्ति - विधायक माहेश्वरी
पर्वतखेड़ी ग्राम में गवरी नृत्य-नाटिका में लोक कलाकारों का किया स्वागत एवं अभिनंदन
गवरी हमारी सनातन लोक संस्कृति और सामाजिक समरसता की सशक्त अभिव्यक्ति - विधायक माहेश्वरी
पर्वतखेड़ी ग्राम में गवरी नृत्य-नाटिका में लोक कलाकारों का किया स्वागत एवं अभिनंदन
राजसमंद। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने तासोल पंचायत के पर्वत खेड़ी ग्राम में आयोजित गवरी नृत्य-नाटिका में लोक कलाकारों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि गवरी राजस्थान की समृद्ध सनातन लोक संस्कृति की विशिष्ट पहचान है, जिसमें आस्था, परंपरा, उत्सव और लोक मनोरंजन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि गवरी केवल लोक नृत्य या नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि शिव और शक्ति की आराधना, धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के सामूहिक संकल्प तथा सामाजिक समरसता का जीवंत संदेश देने वाली लोक परंपरा है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा ग्रामीण समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करती है।
उन्होंने गवरी के लोक कलाकारों की कला, साधना और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि लोक कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं। उनकी प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की लोक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन को भी बल मिलता है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की विविध लोक परंपराएं समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करती हैं। गवरी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को संरक्षण और प्रोत्साहन देना सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि हमारी समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रूप में पहुंचती रहे।




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