आध्यात्मिक चिंतन, अहिंसा और आत्मशुद्धि से ही जीवन सफल - विधायक माहेश्वरी
आध्यात्मिक चिंतन, अहिंसा और आत्मशुद्धि से ही जीवन सफल - विधायक माहेश्वरी
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आयोजित श्री महावीर समवशरण आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के पावन अवसर पर राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने जैन संतों के पावन सान्निध्य में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर विधायक माहेश्वरी ने कहा कि आध्यात्मिक चिंतन, अहिंसा, संयम और आत्मशुद्धि ही मानव जीवन को सार्थक एवं सफल बनाने का मार्ग है। भगवान महावीर का अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, संयम एवं करुणा का संदेश आज भी समूची मानवता के लिए शांति और सद्भाव का प्रकाश-पुंज है।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मावलोकन, अंतर्मंथन और जीवन को सद्मार्ग की ओर अग्रसर करने की साधना है। जैन संतों का तप, त्याग और संयमपूर्ण जीवन समाज को नैतिक मूल्यों के संरक्षण तथा आत्मानुशासन की प्रेरणा देता है।
विधायक ने कहा कि आज के भौतिकतावादी दौर में जब मनुष्य बाहरी उपलब्धियों की दौड़ में आंतरिक शांति से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में भगवान महावीर की शिक्षाएँ जीवन में संतुलन, शांति और करुणा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने कहा कि विचारों की पवित्रता, वाणी की मधुरता और कर्मों की शुद्धता से ही व्यक्ति के जीवन में वास्तविक आध्यात्मिक उन्नति संभव है।
कार्यक्रम में प्रवर्तक राजेंद्र मुनि जी, उपाध्यक्ष रमेश मुनि जी, साहित्य दिवाकर सुरेंद्र मुनि जी एवं दीपेश मुनि जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। विधायक माहेश्वरी ने जैन संतों के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष मेहता ने की। इस अवसर पर मंत्री सुनीता चंडालिया, उपाध्यक्ष पुष्पा खोखावत एवं शीला बडाला, कोषाध्यक्ष अनामिका सेठिया तथा आशा कोठारी सहित संघ के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष रोशन लाल जैन एवं महामंत्री हिम्मत बडाला ने आयोजन की व्यवस्थाओं एवं सहभागिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में विधायक माहेश्वरी ने चातुर्मास के पावन अवसर पर समाज में अहिंसा, करुणा, संयम, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना के विस्तार की मंगलकामना की। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें